‘दवा-दारू’ एक आम फ़हम लफ़्ज़ की सही पहचान

हमारी रोज़मर्रा की बातचीत में कुछ लफ़्ज़ ऐसे होते हैं, जिनका इस्तेमाल तो हम
बरसों से कर रहे हैं, मगर उनके असल
मायने से वाक़िफ़ नहीं होते। ऐसा ही एक लफ़्ज़ है "दवा-दारू"। अक्सर जब ये
लफ़्ज़ बोला जाता है, तो कुछ लोग
इसे ग़लत समझ लेते हैं, क्योंकि इसमें
"दारू" का ज़िक्र है। भारत में "दारू" का मतलब आमतौर पर शराब से
लिया जाता है, लेकिन इस जुमले
में इसका मतलब कुछ और है।
असल में "दारू" का रिश्ता फ़ारसी ज़ुबान से है, और इसका मतलब दवा होता
है। जब हम "दवा-दारू" कहते हैं,
तो इसका मतलब होता है बीमारी का इलाज या किसी मर्ज़ को ठीक करने के लिए अपनाए गए
तरीक़े। यानी, इसमें न तो
शराब का कोई तसव्वुर है और न ही इसका शराब से कोई ताल्लुक़। ये पूरी तरह से सेहत और
इलाज से जुड़ा एक मुहावरा है।
"दारू" का असल मतलब क्या है?
फ़ारसी और उर्दू ज़ुबान में "दारू" का मतलब होता है
दवा या इलाज। पुराने ज़माने में हकीम और वैद्य "दारू" लफ़्ज़ का इस्तेमाल करते
थे, जो उस वक़्त एक आमफ़हम बात थी। दवा-दारू का मतलब होता था किसी मरीज़ के लिए हर तरह की मुमकिन कोशिश, जिसमें दवाएं, हिकमत और देखभाल शामिल होती थी।
गलतफ़हमी की वजह क्या है?
वक़्त के साथ, ज़ुबान में कई बदलाव आते हैं। भारत में "दारू" का इस्तेमाल शराब के लिए ज्यादा होता है, इस वजह से "दवा-दारू" जैसे पुराने जुमलों का सही मतलब लोग भूलते जा रहे हैं। ये ग़लतफ़हमी तभी दूर हो सकती है, जब लोग इसके असल मायने और इसकी जड़ों को समझें।
“"दवा-दारू से मर्ज़ का इलाज होता है और सही इल्म से ग़लतफ़हमियों का।"
"दवा-दारू" का असल मक़सद
जब हम "दवा-दारू" कहते हैं, तो इसका मतलब बीमारी के हर तरह के इलाज से होता है। इसमें:
1. सही दवाओं का इस्तेमाल।
2. खान-पान का ध्यान रखना।
3. घरेलू नुस्खे अपनाना।
4. आराम और देखभाल करना।
“असल में "दारू" का रिश्ता फ़ारसी ज़ुबान से है, और इसका मतलब दवा होता है।
हमारी ज़ुबान की खूबसूरती
हिंदी और उर्दू की ज़ुबानें फ़ारसी, अरबी और कई ज़ुबानों
से मिलकर बनी हैं। "दवा-दारू" जैसे लफ़्ज़ इन ज़ुबानों की विरासत को बयान
करते हैं। ये हमें याद दिलाते हैं कि हमारी ज़ुबान सिर्फ लफ़्ज़ों का एक मजमूआ नहीं, बल्कि एक तहरीक है, जो हमारी तारीख़, तहज़ीब और सोच को बयान
करती है।
अगर आप कभी ईरान जाएं, तो वहां आपको हॉस्पिटल,
क्लीनिक, और मेडिकल स्टोर्स पर "داروخانه" "दारुख़ाना"
लिखा हुआ नज़र आएगा। दारू" का मतलब दवा। "ख़ाना" का मतलब घर या जगह।
इस तरह, दारुख़ाना का
मतलब हुआ "दवा रखने की जगह।" "दारुख़ाना" का मतलब होता है दवा
की दुकान या फार्मेसी। यह लफ़्ज़ वहां के रोज़मर्रा के इस्तेमाल में बेहद आम है। जैसे
भारत में भी कई जगह हॉस्पिटल/क्लिनिक में आपको दवाख़ाना लिखा हुआ नज़र आएगा।
“अगर आप कभी ईरान जाएं, तो वहां आपको हॉस्पिटल, क्लीनिक, और मेडिकल स्टोर्स पर "داروخانه" "दारुख़ाना" लिखा हुआ नज़र आएगा। दारू" का मतलब दवा। "ख़ाना"
का मतलब घर या जगह। इस तरह, दारुख़ाना का मतलब हुआ "दवा रखने की जगह।"
"दारुख़ाना" का मतलब होता है दवा की दुकान या फार्मेसी।
"दवा-दारू" एक ऐसा लफ़्ज़ है, जो हमारी बातों में बरसों से शामिल है। इसे सही मायनों में समझना हमारी ज़िम्मेदारी है, ताकि ऐसी ग़लतफ़हमियों को दूर किया जा सके। अगली बार जब कोई इस लफ़्ज़ को सुनकर मुस्कुराए, तो उसे इसके असल मतलब से वाक़िफ़ कराएं। ये एक छोटा सा क़दम है,
मगर हमारी ज़ुबान और उसके सही मायनों को ज़िंदा रखने की एक अहम कोशिश।
"दवा-दारू से मर्ज़ का इलाज होता है और सही इल्म से ग़लतफ़हमियों का।"
शहाब ख़ान ‘सिफ़र’
#सिफ़रनामा
Shahab KhanAuthor & Storyteller