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इब्तिदा-ए-सफ़र

इब्तिदा-ए-सफ़र में लड़खड़ाता क्यों है ?
अभी तो सफ़र तवील है घबराता क्यों है ?
हौसला रख आगे बढ़ डगमगाता क्यों है ?
रास्ते की मुश्किलों से डर जाता क्यों है ?
मंज़िल तेरी मुंतज़िर हिम्मत हार जाता क्यों है ?

— Shahab Khan 'Sifar'
02 Sep 2026