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वक़्त-वक़्त की बात है

कभी तन्हा, कभी महफ़िल वक़्त-वक़्त की बात है...
कभी राहत, कभी मुश्किल वक़्त-वक़्त की बात है...
कभी दरिया, कभी साहिल वक़्त-वक़्त की बात है...
आज अधूरा, कल मुकम्मल वक़्त-वक़्त की बात है...

— Shahab Khan 'Sifar'
02 Sep 2026