SIFARNAMA · POETRY
← Back
ये जो झूठ और नफ़रत का कारोबार करते हैं
जाने क्यों खुद को ये पत्रकार कहते हैं...
ये जो झूठ और नफ़रत का कारोबार करते हैं
जाने क्यों खुद को ये पत्रकार कहते हैं...