Sifarnama by Shahab Khan | Thoughts, Reflections & Observations

Sifarnama by Shahab Khan

ज़िंदगी, इंसान और रिश्तों पर कुछ ख़याल, सवाल और एहसास

Thoughts, reflections and observations by Shahab Khan ‘Sifar’

Shahab Khan Sifar signature

زندگی، انسان اور رشتوں پر کچھ خیال، سوال اور احساس

Literary illustration with books, journal, pen, ink and lantern
Alfaz
Hindi · Life · Relationships · Society · Thoughts · 3 min read

अल्फ़ाज़: जज़्बात का आईना

अल्फ़ाज़ सिर्फ़ हर्फ़ों का मजमूआ नहीं, बल्कि यह दिल के जज़्बात और सोच का आईना होते हैं। हर अल्फ़ाज़ के पीछे एक कहानी, एक दर्द, या एक खुशी छुपी होती है। यह वो पुल है, जो इंसानों को एक-दूसरे से जोड़ता है।

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jazbat
Hindi · Humanity · Life · Philosophy · 3 min read

जज़्बात: दिल की नर्म आवाज़

जज़्बात इंसान की ज़िंदगी का वो हिस्सा हैं, जो उसकी सोच और हरकतों को शक्ल देते हैं। यह दिल की वो नर्म आवाज़ है, जो अल्फ़ाज़ के बिना भी बहुत कुछ कह जाती है। मोहब्बत, नफ़रत, ग़म, खुशी, हर एहसास जज़्बात की ज़ुबान में बोलता है।

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haalat
Hindi · Hope · Life · Thoughts · 3 min read

हालात: ज़िंदगी का आईना

हालात इंसान की ज़िंदगी के वो पहलू हैं, जो उसे बनाते भी हैं और तोड़ते भी हैं। कभी हालात आसान होते हैं, तो कभी मुश्किल। मगर ज़िंदगी का हर लम्हा इन्हीं हालात से गुज़रते हुए मुकम्मल होता है। हालात हमें सिखाते हैं कि हर दिन एक नई शुरुआत का मौक़ा है।

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aazmaish
Hindi · Hope · Life · Philosophy · 3 min read

आज़माइश: ज़िंदगी का इम्तेहान

आज़माइश, यानी इम्तेहान, ज़िंदगी का वो हिस्सा है, जिससे हर इंसान को गुज़रना पड़ता है। यह हमारे सब्र, हिम्मत, और इरादों को परखने का ज़रिया है।

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Hairani, हैरानी
Hindi · Philosophy · Thoughts · 4 min read

हैरानी: सोच का नया दरवाज़ा

हैरानी इंसान के दिल और दिमाग़ का वो एहसास है, जो उसे किसी नई चीज़ को समझने और महसूस करने पर मजबूर कर देता है। यह वो लम्हा है, जब हमारी सोच ठहर जाती है और हम चीज़ों को नए नज़रिए से देखने लगते हैं। हैरानी न सिर्फ़ हमें सोचने पर मजबूर करती है, बल्कि हमारी ज़िंदगी को नया मक़सद भी देती है।

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इख़्तिलाफ़ : सोच का दूसरा पहलू
Hindi · Life · Relationships · Society · Thoughts · 3 min read

इख़्तिलाफ़ : सोच का दूसरा पहलू

इख़्तिलाफ़, यानी मतभेद, ज़िंदगी का एक ऐसा हिस्सा है, जिसे कोई नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता। यह इंसान की सोच और समझ का वो पहलू है, जो उसे अलग बनाता है। इख़्तिलाफ़ का मतलब झगड़ा या दुश्मनी नहीं, बल्कि यह दिखाता है कि हर शख़्स की अपनी सोच, अपना नज़रिया है।

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