SHAHAB KHAN · POETRY
Ummid Poetry By Shahab Khan ‘Sifar’
Ummid Poetry By Shahab Khan 'Sifar'
हर मुश्किल से निकलने का एक सहारा होता है,
उम्मीद का दामन पकड़, तूफ़ान से भी किनारा होता है।शहाब ख़ान ‘सिफ़र’
Ummid Poetry By Shahab Khan 'Sifar'
हर मुश्किल से निकलने का एक सहारा होता है,
उम्मीद का दामन पकड़, तूफ़ान से भी किनारा होता है।शहाब ख़ान ‘सिफ़र’