SHAHAB KHAN · POETRY
उर्दू है नज़ाकत, उर्दू है साज़
Urdu Poetry By Shahab Khan 'Sifar'
उर्दू है नज़ाकत, उर्दू है साज़,
हर लफ़्ज़ में मिठास, हर बात में अंदाज़।
ग़ज़ल की महक है, नग़्मों की जान,
शायरी का जादू, अदब की पहचान।
महबूब की बातों में इसका सरूर,
आलिम के इल्म में इसका नूर।
कभी इश्क़ की राहत, कभी दर्द की सदा,
हर अहसास का आईना, हर जज़्बात की अदा।
उर्दू से जो वाक़िफ़ है, वो दिलों को जोड़ता है,
हर लफ़्ज़ में मोहब्बत का एक जहाँ छोड़ता है।-शहाब ख़ान ‘सिफ़र’